परम पूज्य योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज  व वैयाकरण शिरोमणि श्रद्धेय गुरुदेव आचार्य प्रद्युम्न जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद एव मार्गदर्शन से मार्गदर्शन स्वरूप मूल्य आधारित शिक्षा के अभिनव प्रयोग ‘पतंजलि गुरुकुलम्’ का उद्घाटन दिनांक 03/06/2017 शैक्षिक सत्र 2017-18 से किया गया।

                   हम पतंजलि गुरुकुलम् के माध्यम से उन्नत शिक्षा के साथ-साथ वेद-वेदाङ्ग, भारतीय संस्कृति, संस्कार, इतिहास, योग, ध्यान, संयम, सदाचार को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाना चाहते हैं ।  हम शिक्षा का भारतीयकरण एवं स्वदेशीकरण करना चाहते हैं । हम बच्चों में छुपे महामानव को जागृत कर शिक्षा व संस्कारों से उनका पूर्ण विकास कर, उन्हें दुनिया का सफलतम, श्रेष्ठ, पूर्ण जागृत, पूर्ण समर्थ, पुरुषार्थी इंसान बनाना चाहते हैं । 

                     स्थूल दोषों से विद्यार्थी 100 प्रतिशत मुक्त रहें तथा सूक्ष्म दोषों को अनुभव करके पूरी ईमानदारी से उनको दूर करने के लिए संकल्पित रहें जिससे कि हम गर्व से कह सकें कि हमारे पूर्वज कैसे थे? पतंजलि गुरुकुलम् के विद्यार्थी व स्नातकों जैसे थे।

                      हमारे संस्थान  के स्नातक गुरु-आश्रम से जाकर किसी अन्य की दया के पात्र या आश्रित होकर रोजगार की तलाश में न भटकें, अपितु वे स्वयं रोजगार सृजन करके अन्यों को स्वास्थ्य, स्वावलम्बन  व रोजगार दें, ऐसी श्रेष्ठ वैदिक संस्कृति की गुरुकुलीय परम्परा की प्रतिष्ठापना का एक उच्च आदर्श हम ‘पतंजलि गुरुकुलम्’ के माध्यम से प्रस्तुत करना चाहते हैं । हम उनको संस्कारों का ऐसा आधार देना चाहते हैं, जिससे वे पश्चिमी दुनिया के भौतिक वासनात्मक प्रभाव से प्रभावित न हों।  अपितु युग के प्रवाह को बदलने में समर्थ हो सकें।  ऐसे पूर्ण सक्षम एवं पूर्ण जागृत विवेकशील विद्यार्थी हम ‘पतंजलि गुरुकुलम्’ में तैयार करना चाहते हैं ।